Anjeer ka ped क्या आप जानते हैं ?अंजीर का पेड़ कितने औषधीय गुणों से भरपूर हैं?

Anjeer ka ped

आज हम अंजीर के पेड़ के बारे बात करेंगे। अंजीर के पेड़ में कौन कौन से औषधी गुण पाये जाते हैं? अंजीर का सेवन करने से क्या लाभ मिलता हैं? अंजीर का पेड़ कैसा होता हैं?

परिचय

अंजीर एक प्रकार का फल हैं।  Anjeer ka ped छोटा होता हैं और पतझड़ी प्रकृति का होता है। अंजीर के फल की लंबाई 9 से 10 फुट तक की होती हैं। अंजीर का फल पक जाने के बाद पेड़ से गिर जाता हैं,इस के फल को सभी बहुत ही आनंद लेकर खाते हैं तथा इसको बाजार में भी बेचा जाता हैं। अंजीर का फल सूख जाने के बाद अर्थात सुखाने के बाद बिकता हैं।अंजीर के फल को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर इसे पीसकर दूध और चीनी में मिलाकर खाया जाता है।

अंजीर का फल बहुत ही गुणकारी होता हैं,इसमें कैल्शियम तथा और विटामिन ए और विटामिन बी काफी मात्रा में पाए जाते हैं, इससे कब्ज की बीमारी दूर होती हैं। अंजीर को इंग्लिश में फिग कहते हैं।

पहचान 

अंजीर के फल की पहचान इस प्रकार कर सकते हैं।

  • यह  छोटा तथा गोलाकार  होता हैं।
  • अंजीर का फल बहुत ही रसीला होता है और गूदेदार भी होता हैं।
  • अंजीर के फल का रंग हल्का पीला, सुनहरा और बैंगनी  का होता हैं।
  • अंजीर का फल बहुत ही स्वादिष्ट होता हैं और इसका स्वाद मीठा होता हैं।
  • अंजीर के ताजे फल में चीनी की मात्रा लगभग 22% होती हैं और सूखे हुए फल में चीनी की मात्रा लगभग 62% होती हैं।
  • Anjeer ka ped जो फल देता हैं उसकी सुगंध ज्यादा तेज नहीं होती हैं अर्थात यह इतना ज्यादा सुगंधित नहीं होता हैं, परंतु बहुत ही स्वादिष्ट होता हैं।
  • अंजीर के फल का स्वाद इस बात पर निर्भर करता हैं कि यह कितना पका हुआ हैं। यह जितना ज्यादा पका हुआ होता हैं, उतना ही स्वादिष्ट पर रसीला होता हैं। हम इसके बीज और छिलके को भी खा सकते हैं।

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अंजीर की खेती

अंजीर की खेती कम लागत वाली होती हैं और इससे अधिक मुनाफा होता हैं।

  • अंजीर की खेती में ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती हैं।
  • एक बार अंजीर की खेती करने पर यह 30 साल तक अंजीर की पैदावार करता हैं।
  • अंजीर एक प्रकार की बहू वर्षीय फसल हैं।
  • इसकी खेती की शुरुआत में सिंचाई की जरूरत होती हैं परंतु ज्यादा पानी देने पर ज्यादा सिंचाई करने पर उसकी फसल प्रभावित होती हैं।
  • अंजीर की फसल लगभग 4 से 5 महीनों में तैयार हो जाती हैं।
  • अंजीर की खेती फरवरी माह में की जाती हैं और इसकी तुड़ाई मई जून तक हो जाती हैं।
  • अंजीर के पौधों को साल में लगभग 2 बार लगाया जा सकता हैं।
  • अंजीर को जुलाई और अगस्त में भी लगा सकते हैं।
  • खेती करने के लिए अंजीर के बाद को तैयार किया जाता हैं इसके खाद को तैयार करने के लिए उसकी कलम और बीज का उपयोग किया जाता हैं इसके अलावा हम नर्सरी से पौधे खरीद कर भी अजीर की खेती कर सकते हैं।
  • अंजीर के पौधे में जैविक खाद का उपयोग करने से बहुत ही लाभ होता हैं।

Anjeer ka ped कहां पाया जाता है –

Anjeer ka ped अर्थात अंजीर का फल बहुत ही प्राचीन फल माना जाता हैं। अंजीर विश्व का सबसे पुराना फल हैं,यह पाकिस्तान से लेकर यूनान तक पाया जाता हैं। Anjeer ka ped पर्णपाती अर्थात पतझड़ी प्रकृति का वृक्ष हैं। इसकी उत्पत्ति तुर्किस्तान और उत्तरी भारत के बीच के स्थान को माना जाता हैं। इसको अच्छे से फलने फूलने के लिए भूमध्यसागरीय जलवायु की आवश्यकता होती हैं,अंजीर को सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता हैं। अंजीर को अच्छे से उपजने के लिए वायुमंडल का शुष्क रहना जरूरी होता हैं।

औषधीय गुण

यह पर जितना स्वादिष्ट होता हैं उतना ही गुणकारी भी माना जाता हैं इसके सेवन से कई रोगों को दूर किया जा सकता हैं।

  • अंजीर के फल का मुरब्बा भी बनाया जाता हैं,जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता हैं।
  • अंजीर का सेवन करने से कब्ज जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं।
  • जुकाम और फेफड़ों की बीमारी से राहत पाने के लिए  अंजीर की मात्रा लगभग 5 से 6 होनी चाहिए इसको पानी में उबालकर सुबह शाम पीने से राहत मिलती हैं।
  • दमा या अस्थमा में अंजीर खाना लाभकारी होता हैं।
  • अंजीर में कैल्शियम तथा विटामिन ए, बी की मात्रा भरपूर पाई जाती हैं।
  • मधुमेह के रोगियों को अंजीर खाना ज्यादा फायदेमंद होता हैं, अन्य फलों की अपेक्षा अंजीर ज्यादा लाभकारी होता हैं।
  • अंजीर में पोटेशियम की मात्रा भरपूर होती हैं, जिससे रक्तचाप नियंत्रित रहता हैं।
  • यह वजन कम करने के लिए भी बहुत ही उपयोगी माना जाता हैं।
  • अंजीर के फल में एंटी ऑक्सीडेंट और फाइबर जैसे गुण भी पाए जाते हैं।

अंजीर के प्रकार

Anjeer ka ped मुख्यत: चार प्रकार के होते है – 

  1. सबसे पुराने अंजीर का फल जिससे अन्य अंजीरों की उत्पत्ति होती हैं जिसका नाम केप्री फिग हैं।
  1. इसका दूसरा प्रकार जिसका नाम स्माइर्ना हैं।
  1. का तीसरा प्रकार सैपेद्रू हैं।
  1. चौथा प्रकार अंजीर का साधारण अंजीर हैं, मुख्यतः बाजारों में पाया जाता हैं।

अंजीर के फल के फायदे एवं नुकसान

आइए जानते है Anjeer ka ped कितना फायदेमंद हैं और अंजीर के फल के बहुत से फायदे और नुकसान के बारे में आपको बताते हैं –

फायदे

भीगे हुए अंजीर खाने से हमारे स्वास्थ्य को बहुत ही लाभ मिलता हैं ।

  • अंजीर को रात में भिगोकर रखकर सुबह इसको खाली पेट खाना चाहिए यह बहुत ही गुणकारी होता हैं।
  • अंजीर एक प्रकार का ड्राई फ्रूट भी माना जाता है अंजीर के साथ साथ हम बादाम और अखरोट को भी साथ में भिगोकर सुबह खाली पेट खा सकते हैं।
  • अंजीर के फल में बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे कि जिंक मैगनीज मैग्नीशियम और आयरन।
  • पीएमएस जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए अंजीर के फल का सेवन करने की सलाह दी जाती हैं।
  • हार्मोन असंतुलन होने पर अंजीर के फल का सेवन का परामर्श दिया जाता हैं।
  • अंजीर के फल का सेवन करने से हड्डियां स्वस्थ रहती हैं और मजबूत रहती हैं।
  • Anjeer ka ped यह हमारे हृदय को भी स्वस्थ रखता हैं।

नुकसान

इसके सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं आइए जानते हैं –

  • यदि किसी व्यक्ति को पथरी की समस्या हैं, तो उसे अंजीर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अंजीर के सेवन से माइग्रेन की समस्या भी हो सकती हैं क्योंकि सूखे हुए अंजीर में सल्फर की मात्रा अधिक होती है और इसके सेवन से माइग्रेन अटैक की समस्या उत्पन्न हो सकती हैं।
  • इसके सेवन से पेट दर्द की समस्या भी होती है अत्यधिक सेवन करने से पेट फूलने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • अंजीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होती हैं अतः इसके अत्यधिक सेवन से दांत में दर्द और सड़न की समस्या भी हो सकती हैं।

निष्कर्ष

हमने आपको Anjeer ka ped कैसा होता हैं और अंजीर के बारे में बताया जिसके बहुत से फायदे होते हैं तो उनके कुछ नुकसान भी होते हैं अतः सलाह दी जाती है कि अंजीर का अत्यधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए ।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट Anjeer ka ped पसन्द आयी होगी। Anjeer ka ped क्या है इसकी जानकारी महत्वपूर्ण और उपयोगी साबित हुई होगी।

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