Kadamb ka ped क्या आप जानते हैं कदम्ब के ये औषधीय गुण ?

Kadamb ka ped – आज हम आपके कदम्ब के पेड़ के बारे में जानकारी सांझा करेंगे। कदम्ब का पेड़ औषधीय दृष्टि से बहुत ही गुणकारी माना जाता हैं। कदम्ब के पेड़ की धार्मिक महत्व भी होते हैं, आइए कदम्ब के पेड़ के बारे में और भी बहुत सी बातें जानते हैं।

कदम्ब के पेड़ का परिचय | Kadamb ka ped

कदम्ब का पेड़ देव वृक्ष की तरह माना जाता हैं। कदम्ब का पेड़ लगभग 30 से 40 फ़ीट तक ऊंचा / लंबा होता हैं। कदम्ब के पेड़ में फूल वर्षा ऋतु में ही आते हैं। कदम्ब के पेड़ के पत्ते महुवा के पत्तों से काफी मिलते-जुलते हुए प्रतीत होते हैं, यह छोटे छोटे होते हैं। और चमकीले दिखाई देते हैं कदम्ब के फूल सुगंधित होते हैं और इनके डंठल पर चारों तरफ पीले गुच्छे की तरह छोटे छोटे से फूल होते हैं।

कदम्ब के फूलों से पीले रंग का पराग निकलता हैं। यह पराग झरने के बाद यह पक जाता हैं। और लाल रंग का हो जाता हैं। इसको नीप या फिर हरिद्रा नाम से व जाना जाता हैं। कदम्ब के पेड़ को कादंबरी भी कहा जाता हैं।

Kadamb ka ped

कदम्ब के पेड़ की प्रजातियां

कदम्ब के पेड़ की एक प्रमुख 4 प्रजातियां होती हैं जो इस प्रकार है आइए जानते हैं –

  1. राज कदम्ब
  2. धारा कदम्ब 
  3. धुली कदम्ब तथा 
  4. भूमि कदम्ब

कदम्ब के पेड़ के फायदे और नुकसान

आइये कदम के पेड़ के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं –

Kadamb ka ped जिसके हैं ढेरों फायदे

  • कदम्ब का पेड़ आंखों के दर्द से निजात देता हैं। आज के युग में दिनचर्या इतनी व्यस्त होती हैं। हम अपने स्वास्थ्य की देखभाल नहीं कर पाते हैं ना ही आंखों की देखभाल कर पाते हैं आज के समय में हमारा ज्यादातर टाइम टीवी मोबाइल कंप्यूटर आदि में ही गुजरता हैं। इससे आंखों की समस्या बढ़ जाती हैं।
  • कदम्ब की पेड़ के तने की छाल को पीसकर फिर उसे छानकर रस निकाल लेना चाहिए और इसके रस को आंखों के चारों तरफ लगाने से आंखों में होने वाला दर्द कम हो जाता है और जलन भी कम हो जाती हैं।
  • पायरिया रोग से मुक्ति पाने के लिए कदम्ब के पेड़ की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए ।
  • मुंह की बदबू को दूर रखने के लिए कदम्ब के पेड़ के पत्तों का काढ़ा पीना चाहिए।
  • मुंह के छाले की समस्या आजकल बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। मुंह के छालों की समस्या से राहत पाने के लिए इसके  काढ़ा का उपयोग करना चाहिए।
  • कफ और खांसी से मिला राहत पाने के लिए यह  काफी मददगार होता हैं। इसकी काढ़ा का लगभग 5 से 10 मिलीलीटर सेवन करने से फांसी से राहत मिलती हैं।

नुकसान

  • कदम्ब स्वाद में कड़वा होता हैं। इसका सेवन करने से उल्टी होने की संभावना अधिक होती हैं।
  • अगर कोई महिला शिशु को दूध पिलाती हैं। तो उससे कदम्ब का उपयोग नहीं करना चाहिए यह बच्चे के लिए भी हानिकारक हो सकता हैं।
  • अगर महिलाएं प्रेगनेंसी की प्लानिंग कर रही हैं तब भी उन्हें कदम्ब का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए या फिर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • कदम्ब पचने में बहुत अधिक समय लेता हैं। अतः इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

औषधीय गुण

कदम्ब के पेड़ की विशेषता यह है कि यह अपने औषधीय गुणों के कारण ज्यादा जाना जाता है आइए जानते हैं इसके कुछ औषधीय गुण –

  • कदम्ब के पेड़ की छाल फल और पत्तियों को समान मात्रा में लेकर खाना बनाना चाहिए और उसका काढ़ा पीने से टाइप 2 प्रकार की डायबिटीज ठीक हो जाती हैं।
  • ब्लड शुगर – इसका काढ़ा बनाकर पीने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता हैं। यह हाई ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रण में ला सकता हैं। इसका काढ़ा बनाने के लिए कदम्ब के पेड़ की छाल जड़ और पत्ती को पानी में उबालकर ठंडा कर ले फिर छानकर इसे पीये।
  • त्वचा का रोग – त्वचा के रोगों से छुटकारा पाने के लिए कदम्ब के पेड़ के अर्क का उपयोग किया जाता हैं। यह एक एंटीमाइक्रोबॉयल और एंटी फंगल एजेंट की तरह काम करता हैं।
  • वजन घटाने में- कदम्ब के पेड़ की जड़ का उपयोग मोटापा कम करने के लिए किया जाता हैं। इसके अर्क में लिपिड कम करने जैसे गुण पाए जाते हैं इसलिए वजन कम करने के लिए मददगार होता हैं।
  • कैंसर – कदम्ब के पेड़ का इस्तेमाल या फिर उपयोग कैंसर के प्रकारों को ठीक करने में किया जा सकता हैं। कैंसर के प्रकार जैसे कि प्रॉस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और पेट का कैंसर कदम्ब के पेड़ में काफी मात्रा में बायो एक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं जो की कीमोथेरिप्यूटिक एजेंटों की तरह ही काम करता हैं।
  • लिवर को स्वस्थ रखने के लिए – कदम्ब के पेड़ का अर्क लीवर को स्वस्थ रखता हैं। और इसे पाचन क्रिया के लिए मजबूत बनाता हैं अर्थात कदम्ब के पेड़ में एक प्रकार का एसिड होता हैं जिसे क्लोरोजेनिक एसिड के नाम से जाना जाता हैं। क्लोरोजेनिक एसिड एक प्रकार का एंटी हैपेटॉटॉक्सिक हैं। 
  • पाचन तंत्र के सुधार में – कदम्ब का पेड़ पेट दर्द पेट में ऐठन लूज मोशन अर्थात दस्त उल्टी जैसी कई बीमारियों से निजात दिला सकता हैं।

कदंब के कौन से भाग का उपयोग औषधि के रूप में कर सकते हैं?

इसके निम्न भागों को औषधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है

  • फूल 
  • फल और 
  • छाल

धार्मिक महत्व

  • कदम्ब के पेड़ के फूल भगवान वासुदेव अर्थात भगवान श्री कृष्ण को अत्यंत प्रिय होते हैं।
  • द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण कदम्ब के पेड़ में बहुत सी लीलाएं करते थे ।
  • द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण कदम्ब के पेड़ के नीचे बांसुरी बजाना पसंद करते थे यह पेड़ उन्हें छाया प्रदान करता था।
  • भगवान श्री कृष्ण द्वापर युग में कदम्ब के पेड़ के नीचे ही खेल खेला करते थे उन्हें कदम्ब का पेड़ उनकी बांसुरी जितना ही बहुत प्रिय हैं।

विशेषताये

कदम्ब के पेड़ के कुछ विशेषताएं भी है जैसे कि

  • ऐसा कहा जाता है कि बादलों के गरजने पर इसके फूल होता है खिल उठते हैं।
  • कदम्ब के फूल इतने सुगंधित होते हैं कि उनका इत्र बनाया जाता हैं। इसके इत्र को औरतें श्रृंगार के रूप में लगाती हैं।
  • कदम्ब के पेड़ की यह भी एक विशेषता हैं कि इसके पत्तों से गोंद निकलता है और इसके पत्ते बहुत ही बड़े होते हैं।
  • कदम्ब के पेड़ के फूल दिखने में नींबू की तरह होते हैं।
  • इसकी एक विशेषता यह भी है कि यह बहुत जल्दी बढ़ता हैं।

निष्कर्ष

अगर आप कदम्ब के पेड़ का इस्तेमाल घरेलू उपचारों में कर रहे हैं और इससे आप किसी बड़ी बीमारी कोई खास बीमारी को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं,तो हमारी सलाह हैं कि आप सबसे पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें उसके बाद ही इसका इस्तेमाल आयुर्वेद के रूप में करें।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारी ये पोस्ट Kadamb ka ped क्या आप जानते हैं कदम्ब के ये औषधीय गुण ? पसंद आई होगी यदि इस पोस्ट Kadamb ka ped क्या आप जानते हैं कदम्ब के ये औषधीय गुण ? सम्बंधित आपको कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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